प्रोटीन (protein) का | वर्गीकरण | स्ट्रक्चर | के बारे में जानकारी।

इंट्रो

तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम बात करेंगे की प्रोटेरिन क्या होता है ? प्रोटीन का वर्गीकरण? और प्रोटीन से जुड़े कई और चीजों के बारे में बात की जाएगी। तो चलिए इस आर्टिकल को शुरू करते है।

प्रोटीन के बारे में जानने से पहले आपको एनिमो एसिड के बारे में जानना होगा। ताकि आप प्रोटीन के बारे में अच्छे से समझ पाए।

अमीनो एसिड डेफिनेशन।

अमीनो एसिड एक प्रकार का ऑर्गेनिक कंपोनेंट्स होते है। जिसके पास दो क्रियात्मक समूह होते है। अगर अमीनो ग्रुप (NH3) कार्बोक्सिलिक ग्रुप (COOH) दोनो को जोड़ दिया जाए तो अमीनो एसिड बन जाते है। और अगर इन दोनो ग्रुप को ज्यादा मात्रा में जोड़ दिया जाए। और एक चैन बना दी जाए जिससे पेप्टाइट का जाता है। तो वह प्रोटीन कहलाते है।

इंट्रोडक्शन ऑफ़ प्रोटीन

प्रोटीन एक प्रकार का बेयोमोलेक्यूल होता है। जो की कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन से मिल कर बनता है। और इसमें फास्फेट भी पाया जाता है। जब 2 या 2 से ज्यादा अमीनो एसिड आपस में जुड़ते है। तो यह प्रोटीन का निर्माण करते है।

प्रोटीन का वर्गीकरण

  • बनावट के आधार पर

बनावट के आधार पर प्रोटीन को 2 भागो में विभाजित किया गया है।

  • Fibrous protein (फाइबर्स प्रोटीन)

इस प्रकार के प्रोटीन के पास पतली धागे जैसी संरचना होती है। इसलिए इसे फाइबर प्रोटीन खा जाता है। फाइबर्स प्रोटीन की उद्धरण है त्वचा, बाल, नाखून आदि।

  • Globular protein (ग्लोबुलर प्रोटीन)

ग्लोबुलर प्रोटीन भी फाइबर्स प्रोटीन की तरह ही होता है। ग्लोबुलर प्रोटीन की संरचना घुमावदार मुड़ी हुई रहती है। इसलिए इसे ग्लोबुलर प्रोटीन कहा जाता है। ग्लोबुलर प्रोटीन की उद्धरण है ट्रिप्सिन, पेप्साइन आदि।

  • विल्यता के आधार पर।

  • साधारण प्रोटीन (Simple protein)

साधारण प्रोटीन खास प्रकार का प्रोटीन होता है। जो की जलीय अपघटन करने पर केवल अमीनो एसिड बनाते है। उन्हें साधारण प्रोटीन कहते है। इसकी उद्धरण है एल्ब्यूमिन, ग्लूटेन, प्रोलमिन, हिस्टोन, प्रोटामाइन, स्क्लीरोप्रोदी आदि।

  1. एल्ब्यूमिन = एल्ब्यूमिन पानी, अमल, छार में विलय रहते है। और अगर एल्ब्यूमिन को गरम करे तो वह जम जाता है। इसके उद्धरण है एग एल्ब्यूमिन, सीरम एल्ब्यूमिन आदि।
  2. ग्लूटेन = ग्लूटेन जल में घुलता नही है। पर यह असल और छार मैं आसानी से घुल जाता है। ग्लूटेन गेहूं में पाया जाता है।
  3. प्रोलमिन = यह जल में विलय है। और यह भी गेहूं में पाया जाता है।
  4. हिस्टोन = यह जल में घुल जाता है। और इसकी उदाहरण है हिमोग्लोबिन।
  5. स्क्लीरोप्रोटी = यह जल में घुल जाता है। और इसकी उदाहरण है कैरेटिन।
  • सयुंगमीत प्रोटीन ( Conjugated protein)

यह विशिष्ठ प्रकार के प्रोटीन होते है। जिनमे बहुत सारे अमीनो एसिड पाए जाते है। इनके साथ में कुछ और तत्व भी पाए जाते हैं। इसके उद्धरण हैं

  1. न्यूक्लियो प्रोटीन = यह एक प्रकार का प्रोटीन होता है। जो की जल में विलय हो जाता है। इसके पास एक विशिष्ठ प्रकार का तत्व पाया जाता है। जिसे फास्फेट कहते है। इसकी उद्धरण है सेल न्यूक्लियस।
  2. फॉस्फो प्रोटीन = यह भी एक विशिष्ठ प्रकार का प्रोटीन होता है। जिसके पास फास्फोरस असल पाया जाता है। इसकी उद्धरण है कैसीन जो की दूध में पाया जाता है और एक और उद्धरण है वेटलाइन जो की अंडे में पाया जाता है।
  3. ग्लाइको प्रोटीन = जब कोई प्रोटीन के साथ आकर जुड़ता है। तब इसे ग्लाइको प्रोटीन कहा जाता है। अंडे की ऊपरी सफेद भाग में ग्लाइको प्रोटीन ही पाया जाता है।
  4. क्रोमो प्रोटीन = इस प्रकार के प्रोटीन के पास एक ग्लाइको विशिष्ठ प्रकार का ग्रुप पाया जाता है। जिसे पेयरोल ग्रुप कहते है। इसकी उद्धरण है हिमोग्लोबिन।
  • अमीनो एसिड के आधार पर।

यह दो प्रकार के होते है।

  • एसेंशियल प्रोटीन

एसेंशियल प्रोटीन भी एक प्रकार का विशिष्ठ प्रोटीन होता है। जोकि शरीर के द्वारा नही बनाए जा सकते है। इनको केवल बाहरी खाने के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। इसकी उद्धरण है एग एल्ब्यूमिन, कैसीन आदि।

  • नॉन एसेंशियल प्रोटीन

इस प्रकार के प्रोटीन शरीर द्वारा बनाए जा सकते है। इसकी उद्धरण है पेप्सिन।

फीडबैक | Feedback

तो हम आशा करते है। आपको प्रोटीन का वर्गीकरण के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी। लेकिन फिर भी अगर आपको कोई और प्रशन का उत्तर नही मिला है। तो आप उसे नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है। और अगर आपका कोई सुझाव है। तोह आप इस लिंक पर क्लिक करके अपने सुझाव को हम तक पहुंचा सकते है। धन्यवाद।

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